1. मैं आत्मा हूँ, बेहद के बेहद की शुद्ध चैतन्य, परम पवित्र, परम प्रकाशित, परमशान्ति से भरपूर हूँ।
2. मैं आत्मा हूँ, परम आनंद स्वरूप, परम प्यार स्वरूप, परमशांत स्वरूप हूँ।
3. मुझ आत्मा के अंदर अरबों खरबों सूर्यों से भी ज्यादा परम प्रकाश, परम पॉवर है।
4. मुझ आत्मा के अंदर Almight Authority मेरे प्यारे बापूजी के अव्यक्त आकारी स्वरूप के मस्तक से निरंतर परम प्रकाश, परमशान्ति और विचित्र चुंबकीय पॉवर बरस रही है।
5. मुझ आत्मा के अंदर से ऑरा से निकल कर परम प्रकाश, परमशान्ति और विचित्र चुंबकीय पॉवर, पूरे विश्व में, पूरे Multiverse में, फेल चुकी हैं।
6. पूरी धरती Almighty Authourity हमारे बापूजी के परम प्रकाश से प्रकाशित हो चुकी है।
7. सभी बेहद की आत्माएं 108, 1008 ,16000, 9 लाख , 33 कोटि देवी देवताओं की आत्माएं जागृत हो गई है परमशान्ति सोच रही है परमशान्ति बोल रही है।
8. सारे multiverse की आत्माएं जाग गई है। परमशान्ति सोच रही है, परमशान्ति बोल रही है।
9. पूरा भारत Almighty Authourity बापूजी की परम लाइट, परम प्रकाश से विश्व गुरु, आध्यात्मिक गुरु बन चुका है।
10. पूरा भारत Almighty Authourity हमारे बापूजी के परम पॉवर से परमशान्ति केंद्र बन चुका है।
11. पूरा Multiverse 200 कला की परम पॉवर, परम प्रकाश से भर चुका है।
12. बेहद के बेहद के अनंता अनंत कोटि ब्रह्मांडो में बेहद के बेहद की परम परम परम महाशांति है महाशांति है महाशांति है।
13. एक बाप दूसरा ना कोई, एक बाप दूसरा ना कोई, एक बाप दूसरा ना कोई।